समर चेन ट्रांसफर 2019 की आयी तारीख, बांध लें बेडिंग




इस बार सी.आर.पी.एफ के ट्रांफसर विभाग दिल्ली डायरक्टरेट द्वारा अगले साल होने वाले समर चेन ट्रांसफर के नियम आ चुके हैं, और इस बार काफी बदलाव भी किया गया है, ताकि वह जवान जो कि बार-बार हार्ड पोस्टिंग काट रहे है, लेकिन पीस पोस्टिंग नही काट पा रहे है, उन्हैं पीस पोस्टिंग मिल सके।

नये बदलावः-

1.       इस बार कम्पयूटर साफ्टवेयर करेगा पोस्टिंग, एक ऐसा साफ्टवेयर जो कि M/S EVRY PRIVATE LIMITED (यह एक विदेशी कंपनी है, जो कि NORWAY में है, अधिक सूचना मिलने पर यह पता लगा, कि इस कंपनी का भारत में गुडगाँव में आफिस है), से किया जा सकता है, लेकिन सरकार का यह कहना है, कि इस साफ्टवेयर का इस्तेमाल 2019 में  किया जाएगा, लेकिन हमारे द्वारा बात किये गए अफसरो का कहना है, कि इसी बार इसे इस्तेमाल किया जाएगा।

2.       इस बार नयी तारीखो के साथ होगा ट्रांसफरः-

(क.)  इस बार समर चेन ट्रांसफर की ऐपलिकेशन आखिरी तारीख है 30/11/2018

(ख.)डायरेक्टरेट द्वारा ट्रांसफर की आखिरी तारीख है 15/01/2019

(ग.) जोन द्वारा ट्रांसफर की आखिरी तारीख है 01/02/2019

(घ.) सेक्टर की ट्रांसफर की आखिरी तारीख है 25/02/2019

(ङ.)  रेंज डी.आई.जी के द्वारा ट्रांसफर की आखिरी तारीख है 15/03/2019




नये बदलाव में अभी भी बहुत कमीः-

1.                   आखिर क्यों किसी प्राईवेट कम्पनी को ट्रांसफर की इतनी बडी जिम्मेवारी सौपी गई, क्या भारत सरकार में किसी साफ्टवेयर इंजिनियरो की भर्ती नही करी जाती है, या फिर इस बार भी कमीशन के द्वारा इस कम्पनी को प्रोत्साहित किया गया भारत के जवानों की जरुरतो को पूरा करने के लिए।

वैसे तो भारत के प्रधानमंत्री महोदय श्री नरेंद्र मोदी जी का कहना है कि भारत को डिजीटल इंडिया बनाया जा रहा है और जवानों की पोस्टिंग के लिए साफ्टेवयर भी विदेश से बनवाए जा रहे है, भारत में कम्पयूटर साफ्टवेयर की पढाई के लिए सरकारी ईंस्टीटयूटो को भी प्रोत्साहन करा जा रहा है, लेकिन क्या ऐसी कोई सरकारी ऐजेंसी अपना कोई साफ्टवेयर बनाने में सक्षम नहीं है।


2.                   क्या इस जल्दबाजी में जवानों की दिक्कतो को भी सुलझा दिया जाएगा, क्योंकि हाल ही में आई एक सूचना के जरिए, अब कोई भी सी.आर.पी.एफ का जवान अपनी समस्या लेकर दिल्ली आसानी से नही जा सकेगा, उदाहरण के लिए अगर किसी कांस्टेबल को आपत्ति है तो वह कैसे अपनी शिकायत दिल्ली तक पहुँचा सकेगाः-


जैसा कि उपर दिए गए चित्र में दिखाया गया है, कि दिल्ली अभी दूर है, तो सच में कहें तो वाकई दूर है।

एक जवान से बात करने पर कुछ तथ्य और पता लगे, उन्हौंने कहा, कि जिसकी जान-पहचान है, वह तो कभी भी कही भी ट्रांसफर करवा सकता है, यह सब कानून आम जवानों के लिए है।

हम आपसे भी जानना चाहते हैं, कि कितना असरदार है, इस बार का पोस्टिंग प्लान? कृप्या कमेंट में जरुर बतायें

6 comments:

  1. Sahi hai. Everywhere setting works. CRPF officers ki fauj hai.unhi ko facilitate karne ke liye crp ka existence hai. I can write thousands of pages on disparity in crpf

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  2. Mai 2 bar proper channel with permission ig pers sir se Transfer k regarding milne gaya magar mujhe milne ni diya. Jabki hamare unit se dusra aadmi without permission gaya use milne bi diya or uska transfer bhi kiya kyoki uska vaha jugar tha or mera baha koi ni tha

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  3. sab jante hain, but no comments please

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